Babar Azam फिर बने पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान, कैसे हुई शान मसूद की छुट्टी?

Babar Azam

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए तीन साल बाद बाबर आजम (Babar Azam) को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप दी है। वेस्टइंडीज और इंग्लैंड सीरीज के लिए PCB ने टीम का ऐलान किया, जिसमे बाबर को फिर से कप्तान की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं खराब प्रदर्शन के चलते बोर्ड ने शान मसूद को कप्तानी से हटाया है। यह फैसला आगामी टेस्ट सीरीज और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

PCB ने बाबर पर दोबारा भरोसा क्यों जताया?

सबसे बड़ा कारण टीम का खराब प्रदर्शन रहा। शान मसूद की कप्तानी में पाकिस्तान ने 16 टेस्ट मैच खेले, जिनमें केवल 4 जीत दर्ज की, जबकि 12 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। चयनकर्ताओं ने धीमी ओवर गति, टॉस के दौरान लिए गए फैसलों और मैच में बढ़त मिलने के बावजूद उसे जीत में नहीं बदल पाने को भी बड़ा कारण माना। ऐसे में PCB को लगा कि टीम को फिर से एक अनुभवी और स्थिर कप्तान की जरूरत है, जिसके चलते बाबर आजम को दोबारा टेस्ट कप्तानी सौंपी गई।

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बाबर आजम का टेस्ट करियर

बाबर आजम ने अक्टूबर 2016 में पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। अपनी शानदार तकनीक और निरंतर बल्लेबाजी के दम पर वह जल्द ही टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बन गए। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कई यादगार पारियां खेलीं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 196 रन की कप्तानी पारी और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टेस्ट शतक खास रहा। बाबर ने अब तक 62 टेस्ट मैचों में 4481 रन बनाए हैं और उनके नाम 9 टेस्ट शतक तथा 31 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 42.7 रहा है, जो उन्हें पाकिस्तान के आधुनिक दौर के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल करता है।

बतौर टेस्ट कप्तान बाबर का सफर

बाबर आजम को पहली बार नवंबर 2020 में पाकिस्तान का टेस्ट कप्तान बनाया गया था। उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने कई महत्वपूर्ण सीरीज खेलीं और घरेलू परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन भी किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2022 में खेली गई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज में उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों की खूब सराहना हुई। हालांकि 2023 विश्व कप के बाद उन्होंने सभी प्रारूपों की कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद टेस्ट टीम की कमान शान मसूद को दी गई।

अब तीन साल बाद PCB ने एक बार फिर बाबर पर भरोसा जताया है। बोर्ड को उम्मीद है कि उनका अनुभव, शांत स्वभाव और बल्लेबाजी में निरंतरता टीम को फिर से जीत की राह पर ले जाएगी। पाकिस्तान की टेस्ट टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है और ऐसे में बाबर का नेतृत्व युवा खिलाड़ियों के लिए भी अहम साबित हो सकता है।

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क्या बाबर दूसरी पारी में सफल होंगे?

बाबर के सामने इस बार चुनौती पहले से कहीं अधिक कठिन होगी। उन्हें सिर्फ रन ही नहीं बनाने हैं, बल्कि टीम को World Test चैंपियनशिप में मजबूत स्थिति तक भी पहुंचाना होगा। पाकिस्तान के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है, लेकिन टीम को लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए मजबूत नेतृत्व की जरूरत है।

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अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या बाबर आजम अपनी दूसरी कप्तानी पारी में पाकिस्तान टेस्ट टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा पाते हैं या नहीं। आने वाले महीनों में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज इस सवाल का जवाब देने में अहम भूमिका निभाएंगी।

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