भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह (Rinku Singh) के परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिंकू के पिता खचंद्र सिंह का नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में स्टेज‑4 लिवर कैंसर से लंबी जंग के बाद आज सुबह निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर रिंकू ज़िम्बाब्वे के खिलाफ प्रैक्टिस कैंप बीच में छोड़ पिता से मिलने गए थे।
बेटे के लिए समर्पित किया जीवन
खानचंद्र सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एलपीजी गैस सिलेंडर सप्लाई करने का काम करते थे। वह रिंकू के क्रिकेटर बनने का सपना पूरा होने के बाद बाद भी सिलेंडर सप्लाई करते थे। उन्होंने बेटे के क्रिकेटर बनने के जुनून को कभी खत्म होने नहीं दिया। खानचंद्र ने इतनी मेहनत की कि उन्होंने अपने ऊपर कभी ध्यान ही नहीं दिया। जब कभी खानचंद्र की तबियत खराब होती थी तो रिंकू सिलेंडर सप्लाई करने अपने पिता के साथ जाते थे। आज पिता की उसी मेहनत से रिंकू भारतीय टीम में खेल रहे है।
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पिता से मिलने आये थे रिंकू
बता दे, रिंकू सिंह 23-24 फरवरी को अपने पिता से मिलने नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में गए थे। वह ज़िम्बाब्वे के खिलाफ टीम इंडिया का प्रैक्टिस कैंप बीच में छोड़कर गए थे। इसके बाद वह वापस आ गए और प्रैक्टिस कैंप फिर से ज्वाइन किया। लेकिन उन्हें ज़िम्बाब्वे के खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिला।
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